We are working for freedom of education

Desh aajad ho gaya 1947 angrejo se par unke diye gaye jobless education pattern se ham kab aajad hoge.. we lonch our company for upto date our education system.  our business model is very simple and parfect.

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we have 200+ course like animation ,software , account. English .hardware. . dmit. midbrain. and many more. we provide 100% job   its a franchises module  base cocept. and every  student get big  benefit   through our pp module base business cocept. our every baranch owner get huge earn form our pp business module  .  we are working for developing of our education pattern. our target  vision upgrade India education system agin India golden bird India biswa guru agin.

बेरोजगार युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका

बेरोजगार युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका यह मौका है खुद को साबित करने का साथ ही साथ दुनिया बदलने का आपके पास मौका है कि आप अपनी आमदनी को बढ़ाएं और हमारी संस्था के साथ जुड़कर । समाज का भी कल्याण करें।

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मात्र ₹30000 के इन्वेस्टमेंट पर आप अपने शहर में डीएमआईटी केंद्र खोल सकते हैं। जहां आप हर दिन डीएमआईटी टेस्ट के द्वारा एक अच्छी-खासी आमदनी निकाल सकते हैं और साथ ही साथ हमारे कंट्रीब्यूटिंग मॉडल की वजह से सालाना ₹5128450 तक की स्लैब में अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं। और साथ ही साथ ढेरों गिफ्ट भी यहां पर आपका इंतजार कर रहे हैं। तो इंतजार किस बात का आइए। इसी पल हम से जुड़े और अपने गांव शहर में अपने एरिया में डीएमआईटी केंद्र खोलें।क्योंकि इस डीएमआईटी की वजह से समाज का हर बच्चा जो आप से जुड़ेगा वह भी बहुत लाभान्वित होंगे और अपने कैरियर को एक सही दिशा प्रदान कर पाएंगे।साथ ही साथ हमारे विदेश मॉड्यूल हमसे जुड़ने की वजह से हर बच्चा अपने लिए ढेरों एक्साइटिंग गिफ्ट के साथ साथ अपने हिस्टोरिकल प्लेस को जानने का उन्हें मौका मिलेगा और हमारी ग्रोथ के साथ-साथ उन्हें हर बच्चे को हम 12वीं के लिए डेढ़ लाख तक की स्कॉलरशिप की व्यवस्था और ग्रेजुएशन प्रोग्राम के लिए हमने 500000 तक की स्कॉलरशिप की व्यवस्था रखी है और साथ ही साथ उसके बाद प्रोफेशनल कोर्सेज के लिए हम हर बच्चों को 10 लाख तक की स्कॉलरशिप की व्यवस्था दे पाए हमने ऐसी व्यवस्था बनाई हुई है देर ना करें पहले आए अब पहले लेकर जाए बस यही मॉडल है हमारा। हमारी संस्थान का मकसद है कि देश का हर बच्चा एक बेहतर शिक्षा पाए और साथ ही साथ एक बेहतर कैरियर ऑप्शन चुन सके जिनमें उनकी जन्मजात प्रतिभा है

स्कूली शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों

स्कूली शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों के अभिभावकों ने उनका करियर चूज करने के लिए अब डरमेटोग्लाइफिक्स मल्टीपल इंटेलिजेंस टेस्ट (डीएमआईटी) करवाना आरंभ कर दिया है। यह टेस्ट अब देश में सहज उपलब्ध है।

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टेस्ट का रिजल्ट अभिभावकों को स्पष्ट करता है कि उनके बच्चे को अध्ययन के लिए कौन से विषय लेने चाहिएं तथा बच्चा किस फील्ड में बढि़या प्रदर्शन कर सकता है। टेस्ट की सारी प्रक्रिया वैज्ञानिक आधार पर है। इस टेस्ट को आकलन का सही तरीका मानने वाले शोधकर्ता वैज्ञानिक डा. रीता लेवी मोलटेलिसिनी तथा डा. स्टेनले कोहेन को इस रिसर्च पर वर्ष 1986 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इस रिसर्च का अमेरिका ने शुरू में इसका इस्तेमाल अपनी सेना में भर्ती होने वाले युवाओं पर जमकर किया था, जबकि बाद में अन्य विकसित देशों ने इसका प्रयोग अन्य उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया। भारत जैसे विकासशील देश में यह टेस्ट हालांकि बहुत पहले से विद्यमान है, परन्तु आम लोगों में इसकी लोकप्रियता हाल ही में बढ़ी है|

Siliguri में इस टेस्ट के बाद संबंधित लोगों की काउंसलिंग करने वाले

Siliguri में इस टेस्ट के बाद संबंधित लोगों की काउंसलिंग करने वाले UBR इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर बताते हैं कि टेस्ट मूल प्रकार से किसी भी व्यक्ति के फिंगर प्रिंट लेकर किया जाता है।

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उनका कहना है कि रिसर्च में डा. स्टेनले व डा. रीता ने संयुक्त रूप से यह प्रमाणित किया था कि किसी भी व्यक्ति की सारी गतिविधियां उसके दिमाग पर निर्भर करती हैं। उनका तर्क था कि पांच हिस्सों (प्रीफ्रंटल, फ्रंटल, पेरीएटल, टेम्पोरल तथा ओसीपेटल) में बंटे दिमाग में कुल 12 हजार करोड़ न्यूरोन होते हैं। यह न्यूरोन दिमाग के हर हिस्से में अलग-अलग मात्रा में बंटे रहते हैं।

वैज्ञानिक मानते हैं

वैज्ञानिक मानते हैं कि दिमाग को राइट साइड व लेफ्ट साइड से देखा जाए तो इसे दस हिस्सों में बांटा जा सकता है। राइट साइड के दिमाग की सारी रिपोर्ट लेफ्ट साइड के हाथ की पांचों अंगुलियों पर अंकित होती है |

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तो लेफ्ट साइड के दिमाग की सारी स्थिति राइट साइड के हाथ की अंगुलियों पर अंकित रहती है। इसलिए डीएमआई टेस्ट करने के लिए किसी भी व्यक्ति के दोनों हाथों की दस अंगुलियों के प्रिंट लिए जाते हैं। यह प्रिंट दुबई स्थित लैब में विश्लेषण के लिए भेजे जाते हैं जहां से आनलाइन रिपोर्ट मिलती है। इस रिपोर्ट को संबंधित व्यक्ति अथवा उसके परिवार से डिस्कस करने के लिए काउंसलर की हेल्प ली जाती है। MD sir का कहना है कि दुनिया के किन्हीं भी दो व्यक्तियों के दिमाग के किसी भी हिस्से में न्यूरोन मात्रा बराबर नहीं होती। यही कारण है कि हर व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से भिन्न होता है। रिपोर्ट से इस बात का पता चलता है कि किसी व्यक्ति का मल्टीपल इंटेलीजेंस लेवल क्या है, उसका पर्सनेल्टी टाइप क्या है यानि उसकी निर्णय लेने जैसी क्षमताएं कैसी हैं, उस पर समाज का कितना प्रभाव पड़ता है, उसकी सॉफ्ट स्किल यानि उसे किस फील्ड में काम करना चाहिए, उसे जिंदगी में कैसे लोग सूट करेंगे आदि।

विकास सर का दावा है

विकास सर का दावा है कि देश में इस तरह के करीब लाखो टेस्ट हो चुके हैं। सबसे अधिक रुचि अभिभावक अपने बच्चों के स्कूल में विषय चयन करने के लिए ले रहे हैं, जबकि दूसरे नंबर पर युवा अपना करियर फील्ड चुनने के लिए इसका सहारा ले रहे हैं।

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नेशनल लेवल पर ubr pvt ltd नाम से यह टेस्ट करने में जुटे विकास सर का कहना है कि टेस्ट करने में कई कंपनियां एक साथ जुटी हैं। टेस्ट की रिपोर्ट के बाद काउंसलर की सहायता से कोई भी व्यक्ति अपने जीवन का नजरिया बताई गई तकनीक के आधार पर सुधार सकता है। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति का इमोशनल कोशन अधिक होगा वह व्यक्ति अन्य की तुलना में जिंदगी के फैसले भावनात्मक स्तर पर अधिक लेगा, जबकि जिसका इंटेलीजेंस कोशन अधिक होगा वह व्यक्ति हर मामले में निर्णय पर पहुंचने से पहले तर्क-वितर्क करेगा। इसी प्रकार क्रिएटिव कोशन तथा एडवर्सटी कोशन की भी स्थिति है। रिपोर्ट व्यक्ति को उसकी स्ट्रेंथ के साथ-साथ कमजोरियों से भी अवगत करवाती है। उनका दावा है कि जो छात्र दसवीं आदि कक्षा के बाद सब्जेक्ट चूज करने में दुविधाग्रस्त हैं, डीएमआई टेस्ट उन्हें इस दुविधा से बाहर निकालने में सबसे अधिक सहायता करता है। इस टेस्ट के जरिए बच्चे के भीतर की रुचियों को सार्वजनिक किया जाता है।

Siliguri में इस टेस्ट के बाद संबंधित लोगों की काउंसलिंग करने वाले

Siliguri में इस टेस्ट के बाद संबंधित लोगों की काउंसलिंग करने वाले UBR इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर बताते हैं कि टेस्ट मूल प्रकार से किसी भी व्यक्ति के फिंगर प्रिंट लेकर किया जाता है।

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उनका कहना है कि रिसर्च में डा. स्टेनले व डा. रीता ने संयुक्त रूप से यह प्रमाणित किया था कि किसी भी व्यक्ति की सारी गतिविधियां उसके दिमाग पर निर्भर करती हैं। उनका तर्क था कि पांच हिस्सों (प्रीफ्रंटल, फ्रंटल, पेरीएटल, टेम्पोरल तथा ओसीपेटल) में बंटे दिमाग में कुल 12 हजार करोड़ न्यूरोन होते हैं। यह न्यूरोन दिमाग के हर हिस्से में अलग-अलग मात्रा में बंटे रहते हैं।

विकास सर का दावा है कि देश में इस तरह के करीब लाखो टेस्ट हो चुके हैं। सबसे अधिक रुचि अभिभावक अपने बच्चों के स्कूल में विषय चयन करने के लिए ले रहे हैं, जबकि दूसरे नंबर पर युवा अपना करियर फील्ड चुनने के लिए इसका सहारा ले रहे हैं।

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नेशनल लेवल पर ubr pvt ltd नाम से यह टेस्ट करने में जुटे विकास सर का कहना है कि टेस्ट करने में कई कंपनियां एक साथ जुटी हैं। टेस्ट की रिपोर्ट के बाद काउंसलर की सहायता से कोई भी व्यक्ति अपने जीवन का नजरिया बताई गई तकनीक के आधार पर सुधार सकता है। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति का इमोशनल कोशन अधिक होगा वह व्यक्ति अन्य की तुलना में जिंदगी के फैसले भावनात्मक स्तर पर अधिक लेगा, जबकि जिसका इंटेलीजेंस कोशन अधिक होगा वह व्यक्ति हर मामले में निर्णय पर पहुंचने से पहले तर्क-वितर्क करेगा। इसी प्रकार क्रिएटिव कोशन तथा एडवर्सटी कोशन की भी स्थिति है। रिपोर्ट व्यक्ति को उसकी स्ट्रेंथ के साथ-साथ कमजोरियों से भी अवगत करवाती है। उनका दावा है कि जो छात्र दसवीं आदि कक्षा के बाद सब्जेक्ट चूज करने में दुविधाग्रस्त हैं, डीएमआई टेस्ट उन्हें इस दुविधा से बाहर निकालने में सबसे अधिक सहायता करता है। इस टेस्ट के जरिए बच्चे के भीतर की रुचियों को सार्वजनिक किया जाता है।

विकास सर का दावा है कि देश में इस तरह के करीब लाखो टेस्ट हो चुके हैं। सबसे अधिक रुचि अभिभावक अपने बच्चों के स्कूल में विषय चयन करने के लिए ले रहे हैं, जबकि दूसरे नंबर पर युवा अपना करियर फील्ड चुनने के लिए इसका सहारा ले रहे हैं।

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नेशनल लेवल पर ubr pvt ltd नाम से यह टेस्ट करने में जुटे विकास सर का कहना है कि टेस्ट करने में कई कंपनियां एक साथ जुटी हैं। टेस्ट की रिपोर्ट के बाद काउंसलर की सहायता से कोई भी व्यक्ति अपने जीवन का नजरिया बताई गई तकनीक के आधार पर सुधार सकता है। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति का इमोशनल कोशन अधिक होगा वह व्यक्ति अन्य की तुलना में जिंदगी के फैसले भावनात्मक स्तर पर अधिक लेगा, जबकि जिसका इंटेलीजेंस कोशन अधिक होगा वह व्यक्ति हर मामले में निर्णय पर पहुंचने से पहले तर्क-वितर्क करेगा। इसी प्रकार क्रिएटिव कोशन तथा एडवर्सटी कोशन की भी स्थिति है। रिपोर्ट व्यक्ति को उसकी स्ट्रेंथ के साथ-साथ कमजोरियों से भी अवगत करवाती है। उनका दावा है कि जो छात्र दसवीं आदि कक्षा के बाद सब्जेक्ट चूज करने में दुविधाग्रस्त हैं, डीएमआई टेस्ट उन्हें इस दुविधा से बाहर निकालने में सबसे अधिक सहायता करता है। इस टेस्ट के जरिए बच्चे के भीतर की रुचियों को सार्वजनिक किया जाता है।

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